May 01, 2026

गंगोत्री धाम में 72 हजार से अधिक यात्रियों ने टेका मत्था, मां गंगा का लिया आशीर्वाद

post-img

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा अपने पूरे शबाब पर है। कड़ाके की ठंड और बर्फीली हवाओं के बावजूद श्रद्धालुओं के जोश और आस्था के आगे मौसम भी नतमस्तक नजर आ रहा है। यात्रा शुरू हुए अभी कुछ ही समय बीता है और चारों धामों में दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों की कुल संख्या 4,97,526 तक पहुँच गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि आज यह आँकड़ा 5 लाख के ऐतिहासिक मील का पत्थर पार कर जाएगा।

उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस समय आस्था, उत्साह और व्यवस्थाओं के नए आयाम के साथ अपने चरम पर पहुंच रही है। यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ते हुए अब 5 लाख के करीब पहुंच चुकी है। अब तक कुल 4,97,526 श्रद्धालु यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के दर्शन कर चुके हैं, जो इस वर्ष यात्रा की लोकप्रियता और व्यवस्थाओं पर बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। चारों धामों में सबसे अधिक भीड़ केदारनाथ धाम में देखने को मिल रही है। 30 अप्रैल को अकेले 18,107 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए, जबकि अब तक यहां 2,44,642 श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। दूसरी ओर बदरीनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं है। यहां 30 अप्रैल को 10,090 यात्रियों ने दर्शन किए और कुल संख्या 1,08,165 तक पहुंच गई है। यमुनोत्री और गंगोत्री धामों में भी श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ उमड़ रही है। यमुनोत्री में अब तक 72,225 और गंगोत्री में 72,494 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इस प्रकार दोनों धामों में कुल 1,44,719 श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। इसी बीच, केदारनाथ धाम में जिला प्रशासन द्वारा शुरू की गई एक अनूठी पहल चर्चा का विषय बनी हुई है। ऊंचाई, ठंड और कम ऑक्सीजन जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को देखते हुए यहां श्रद्धालुओं के लिए योग और प्राणायाम शिविर शुरू किए गए हैं। यह पहल यात्रियों के लिए किसी ‘संजीवनी’ से कम नहीं साबित हो रही है।

दरअसल, 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर पहुंचने के बाद कई श्रद्धालु सांस लेने में तकलीफ, थकान, सिरदर्द और ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं का सामना करते हैं। ऐसे में सुबह 10 से 11 बजे के बीच केदारनाथ मंदिर के पीछे आयोजित होने वाले ये निःशुल्क योग शिविर यात्रियों को राहत दे रहे हैं। अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में श्रद्धालु योगाभ्यास कर अपने स्वास्थ्य को संतुलित कर रहे हैं और यात्रा को सुरक्षित बना रहे हैं। यात्रा को सुचारू और सुरक्षित बनाए रखने के लिए प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है। केदारनाथ यात्रा 2026 को लेकर जिलाधिकारी विशाल मिश्रा खुद मैदान में उतरकर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। नेशनल हाईवे-107 से लेकर सोनप्रयाग तक निरीक्षण कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मौसम की चुनौतियों के बावजूद यात्रा संचालन सुचारू रूप से जारी है। ऊंचाई वाले इलाकों में कोहरा और रुक-रुक कर हो रही बारिश के बीच प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर रखा है। हेलीकॉप्टर सेवाओं पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और उड़ानों को पूरी तरह मौसम के अनुकूल ही संचालित किया जा रहा है।यात्रा मार्ग पर सुरक्षा बलों की तैनाती, रेन शेल्टर, गर्म पानी और स्वास्थ्य सुविधाएं लगातार उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कुल मिलाकर, चारधाम यात्रा 2026 इस बार आस्था के साथ-साथ बेहतर प्रबंधन और नवाचारों के लिए भी यादगार बनती जा रही है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और प्रशासन की सक्रियता यह संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और तेजी से बढ़ सकता है।